खंडवा- धर्म, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति की महान परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने वाले श्रीमद्भागवत महापुराण के दिव्य ज्ञान का रसास्वादन कराने के लिए खंडवा में भव्य श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। 1 सितंबर से प्रारंभ हो रही इस सात दिवसीय कथा में देश की सुप्रसिद्ध कथा वाचिका परम पूज्य देवी कृष्णप्रिया जी व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संदेश प्रदान करेंगी। कथा का आयोजन पुरानी अनाज मंडी परिसर में होगा, जहां प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे से शाम 6 बजे तक कथा का श्रवण कराया जाएगा।
मीडिया प्रभारी नारायण बाहेती एवं सुनील जैन ने बताया कि कथा का शुभारंभ 1 सितंबर को भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। सुप्रसिद्ध कथा वाचिका देवी कृष्णप्रिया जी प्रातः कर्नाटक एक्सप्रेस से खंडवा पहुंचेंगी। इसके पश्चात दोपहर 12:30 बजे श्री द्वारकाधीश हवेली, बॉम्बे बाजार से कलश यात्रा प्रारंभ होगी, जो घंटाघर, विट्ठल मंदिर और बजरंग चौक होते हुए पुरानी अनाज मंडी पहुंचेगी। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिला-पुरुष, युवा एवं धार्मिक संगठन शामिल होंगे। भजन-कीर्तन, जयघोष और धार्मिक ध्वजों से सुसज्जित यह शोभायात्रा पूरे नगर को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर देगी।
समिति ने श्रद्धालुओं से पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होने की अपील की है। पुरुषों से सफेद कुर्ता-पायजामा तथा महिलाओं से केसरिया, पीली या लाल साड़ी धारण करने का अनुरोध किया गया है, जिससे यात्रा की धार्मिक गरिमा और भव्यता में चार चांद लग सकें। कथा आयोजन में राजेंद्र कुमार सुवालाल अग्रवाल एवं संतोष कुमार सुवालाल अग्रवाल (नयन एग्रो) मुख्य यजमान के रूप में धार्मिक अनुष्ठानों का दायित्व निभाएंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष उत्तम मित्तल, सचिव शैलेन्द्र अग्रवाल एवं कोषाध्यक्ष घनश्यामदास शाह के मार्गदर्शन में समस्त व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
कृष्णप्रिया जी का कथा वाचन रहेगा विशेष आकर्षण
देशभर में अपनी ओजस्वी वाणी, मधुर प्रस्तुति और आध्यात्मिक चिंतन के लिए प्रसिद्ध देवी कृष्णप्रिया जी इस वर्ष व्यासपीठ को सुशोभित करेंगी। उनके कथा वाचन में भक्ति, संगीत, संस्कृति और जीवन-दर्शन का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के विविध प्रसंगों के माध्यम से धर्म, सदाचार, सेवा, मानवता और भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श जीवन का संदेश प्राप्त होगा।
चार दशकों से जारी है भागवत ज्ञान की अविरल परंपरा
समाज सेवा प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ समिति, खंडवा पिछले लगभग 40 वर्षों से निरंतर भागवत कथा का आयोजन कर रही है। यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण और सांस्कृतिक चेतना का एक महत्वपूर्ण अभियान बन चुका है। इस व्यासपीठ से देश के अनेक प्रतिष्ठित संत, विद्वान और भागवत मनीषी श्रद्धालुओं को कथा का अमृतपान करा चुके हैं।
समिति के गौरवशाली इतिहास में वर्ष 1983 से लेकर अब तक पूज्य मदनलाल जोशी शास्त्री, दीनदयाल पाण्डेय, इंदिरा बेटाजी, कृष्णशंकर शास्त्री, रामभद्राचार्य जी महाराज, रामचंद्र डोंगरे महाराज, माधवाचार्य जी, गिरिराज गोस्वामी, स्वामी धरानन्द जी, डॉ. संजय कृष्ण जी, अखण्डानन्द जी गिरि, मारुति नंदन ‘वागीश’, महेश भाई जोशी, सागर भट्ट, अनिकेत कृष्ण नेतुरकर सहित अनेक ख्यातनाम संतों ने व्यासपीठ को सुशोभित किया है।
विशेष रूप से पूज्य रामचंद्र डोंगरे महाराज की कथा समिति के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय मानी जाती है। यही कारण है कि खंडवा में आयोजित होने वाली यह भागवत कथा नगर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।
धर्म, संस्कृति और समाज को जोड़ने वाला आयोजन
श्रीमद्भागवत कथा भारतीय संस्कृति में केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला आध्यात्मिक महोत्सव है। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्ति, प्रेम, त्याग, सेवा और धर्म के संदेशों से परिचित कराया जाता है। कथा श्रवण से व्यक्ति के जीवन में नैतिक मूल्यों का विकास होता है तथा समाज में सद्भाव, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का विस्तार होता है।
श्रद्धालुओं से सहभागिता की अपील
श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ समिति ने समस्त धर्मप्रेमी नागरिकों, श्रद्धालुओं और युवा पीढ़ी से कथा महोत्सव एवं कलश यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। समिति का मानना है कि भागवत कथा का श्रवण आत्मिक शांति, सकारात्मक चिंतन और आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है।
खंडवा एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के विराट संगम का साक्षी बनने जा रहा है। सात दिनों तक चलने वाले इस कथा महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का रसपान करते हुए श्रद्धालु धर्म, संस्कृति और अध्यात्म के अमूल्य संदेशों से लाभान्वित होंगे।
