राष्ट्रपति भवन में खंडवा की बेटी का सम्मान: EMRS रोशनी की छात्रा राधिका ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ मनाया रक्षाबंधन | आदिवासी अंचल की प्रतिभाशाली छात्रा को मिला राष्ट्रीय मंच, राष्ट्रपति भवन में सहभागिता कर बढ़ाया खंडवा और मध्यप्रदेश का गौरव

खंडवा। प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प जब एक साथ मिलते हैं, तो छोटे से गांव की बेटियां भी राष्ट्रीय पहचान हासिल कर लेती हैं। ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है खंडवा जिले के आदिवासी अंचल से आने वाली एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) रोशनी की छात्रा राधिका ने। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर राधिका को देश की प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मिलने और राष्ट्रपति भवन में उनके साथ रक्षाबंधन मनाने का दुर्लभ अवसर प्राप्त हुआ। यह उपलब्धि न केवल राधिका के लिए बल्कि पूरे खंडवा जिले, मध्यप्रदेश और आदिवासी समाज के लिए गर्व का विषय बन गई है।

28 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष रक्षाबंधन समारोह में देशभर से चयनित प्रतिभाशाली छात्राओं को आमंत्रित किया गया था। इस प्रतिष्ठित आयोजन में राधिका की सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की बेटियां भी अपनी प्रतिभा के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकती हैं।

गांव से राष्ट्रपति भवन तक का प्रेरणादायक सफर

राधिका खंडवा जिले के ग्राम पटाजन निवासी बालाराम की पुत्री हैं। सीमित संसाधनों के बीच पली-बढ़ी राधिका ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। वर्तमान में वह कक्षा 9वीं की छात्रा हैं और शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न गतिविधियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।

राधिका ने वर्ष 2023 में कक्षा 6वीं में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय रोशनी में प्रवेश लिया था। विद्यालय में प्रवेश के बाद से ही उन्होंने निरंतर उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल कीं और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। यही कारण रहा कि उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम के लिए चयनित किया गया।

तीन वर्षों से विद्यालय की होनहार छात्रा

EMRS रोशनी की प्राचार्या सुश्री सची चौधरी ने बताया कि राधिका पिता बालाराम विगत तीन वर्षों से विद्यालय में अध्ययनरत हैं। इस दौरान उसने शिक्षा, अनुशासन, सांस्कृतिक गतिविधियों और नेतृत्व क्षमता में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि राधिका की उपलब्धि विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह दर्शाती है कि समर्पित प्रयासों से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

प्राचार्या ने कहा कि राष्ट्रपति भवन जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर जाकर देश की राष्ट्रपति से मिलना किसी भी छात्रा के लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह उपलब्धि विद्यालय परिवार के लिए भी गर्व और सम्मान का क्षण है।

राष्ट्रपति भवन में मिला अविस्मरणीय अनुभव

राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षाबंधन समारोह के दौरान राधिका को महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मिलने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के महत्व को निकट से अनुभव किया। राष्ट्रपति भवन का यह अनुभव राधिका के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक स्मृतियों में शामिल हो गया है।

राधिका ने बताया कि राष्ट्रपति भवन पहुंचना और देश की राष्ट्रपति से मिलना उनके लिए किसी सपने के साकार होने जैसा था। यह अवसर उन्हें भविष्य में और अधिक मेहनत करने तथा देश और समाज के लिए बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा।

आदिवासी बेटियों के लिए प्रेरणा बनी राधिका

राधिका की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि सही मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसर उपलब्ध हों तो ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। उनकी उपलब्धि उन हजारों छात्राओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं और उन्हें साकार करने का साहस रखती हैं।

जिले में खुशी और गर्व का माहौल

राधिका की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, शिक्षकों, सहपाठियों, अभिभावकों तथा जिले के नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। सभी ने इसे खंडवा जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए राधिका के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

राष्ट्रपति भवन में रक्षाबंधन समारोह में सहभागिता कर राधिका ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। दृढ़ संकल्प, मेहनत और शिक्षा के माध्यम से कोई भी छात्र या छात्रा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। खंडवा की इस बेटी ने पूरे जिले को गर्व करने का अवसर दिया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा की नई मिसाल कायम की है।

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