MIDCOMS 2026: आधुनिक चिकित्सा, शोध और नवाचार का राष्ट्रीय संगम, भोपाल से स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली नई दिशा

भोपाल- भारत में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे व्यापक बदलावों के बीच भोपाल में आयोजित एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन्स ऑफ इंडिया (AOMSI) का 28वां मिड-टर्म कॉन्फ्रेंस एवं 14वां पीजी कन्वेंशन – MIDCOMS 2026 देश के चिकित्सा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनकर उभरा है। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से 1300 से अधिक ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन, चिकित्सा विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता और स्नातकोत्तर विद्यार्थी एक मंच पर एकत्रित होकर आधुनिक चिकित्सा तकनीकों, नवीन शोध, प्रशिक्षण और भविष्य की चुनौतियों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

यह सम्मेलन केवल विशेषज्ञ चिकित्सकों का समागम नहीं है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को नई गति देने वाला एक ऐसा मंच है, जहां अनुभवी चिकित्सकों का ज्ञान और युवा चिकित्सकों की ऊर्जा मिलकर भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं का नया खाका तैयार कर रही है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में आया व्यापक परिवर्तन

सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, अधोसंरचना और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में देश ने चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने, आधुनिक अस्पतालों की स्थापना और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए हैं।

उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सा की शाखाओं में निरंतर अनुसंधान और तकनीकी उन्नयन आवश्यक है। ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी ऐसा ही एक क्षेत्र है, जहां आधुनिक उपकरणों, अत्याधुनिक तकनीकों और विशेषज्ञ प्रशिक्षण के माध्यम से जटिल से जटिल शल्य चिकित्सा को भी अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा रहा है। ऐसे सम्मेलन चिकित्सकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों से परिचित कराते हैं।

चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का उदाहरण बना त्रिपुरा

डॉ. माणिक साहा ने अपने संबोधन में त्रिपुरा में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हुए उल्लेखनीय विस्तार का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राज्य में एमबीबीएस सीटों की संख्या में कई गुना वृद्धि की गई है तथा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर निवेश किया जा रहा है। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था, जीएसटी संग्रह और अन्य विकास सूचकांकों में भी राज्य ने बेहतर प्रदर्शन किया है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का आधार केवल मजबूत अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि स्वस्थ नागरिक भी हैं। गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिलाओं में से एक हैं।

आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की नई तस्वीर

मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का स्वास्थ्य क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है। आयुष्मान भारत जैसी विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना, मेडिकल कॉलेजों का विस्तार, डिजिटल हेल्थ मिशन, टेलीमेडिसिन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्वास्थ्य सेवाएं तथा आधुनिक चिकित्सा अधोसंरचना ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा दी है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भी स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों का विस्तार, ट्रॉमा सेंटरों की स्थापना, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और मेडिकल शिक्षा के नए संस्थानों के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

युवा सर्जनों के लिए सीखने और शोध का श्रेष्ठ मंच

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि MIDCOMS 2026 जैसे राष्ट्रीय सम्मेलन युवा सर्जनों और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। यहां उन्हें देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने, नवीनतम शोधों को समझने, आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे वैश्विक बदलावों से परिचित होने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल ज्ञान का आदान-प्रदान नहीं करते, बल्कि युवा चिकित्सकों में नवाचार, शोध और उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा के प्रति नई ऊर्जा भी उत्पन्न करते हैं।

शोध, तकनीक और नवाचार पर होगा व्यापक मंथन

तीन दिवसीय सम्मेलन में ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर वैज्ञानिक सत्र, लाइव डेमोंस्ट्रेशन, शोध पत्र प्रस्तुतियां, केस स्टडी, पैनल डिस्कशन और कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इनमें चेहरे की जटिल शल्य चिकित्सा, जबड़े की विकृतियों का उपचार, मुख कैंसर सर्जरी, ट्रॉमा मैनेजमेंट, पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा, इम्प्लांटोलॉजी तथा डिजिटल और रोबोटिक तकनीकों के उपयोग जैसे विषय प्रमुख हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सम्मेलन चिकित्सा विज्ञान में नवाचार को गति देने के साथ-साथ मरीजों को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सम्मेलन की गरिमामयी शुरुआत

कार्यक्रम का शुभारंभ त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा एवं मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका का भी विमोचन किया गया।

सम्मेलन में AOMSI के अध्यक्ष डॉ. आशीष गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। पीपुल्स ग्रुप के वाइस चेयरमैन श्री रोहित पंडित तथा AOMSI के महासचिव डॉ. कलारामन बालारामन ने भी अपने विचार रखे और चिकित्सा शिक्षा तथा शोध को आगे बढ़ाने में ऐसे आयोजनों की महत्ता पर प्रकाश डाला।

स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की ओर मजबूत कदम

MIDCOMS 2026 केवल एक चिकित्सा सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत की उभरती हुई स्वास्थ्य शक्ति का प्रतीक है। यह आयोजन स्पष्ट करता है कि देश अब केवल चिकित्सा सेवाओं का विस्तार ही नहीं कर रहा, बल्कि अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ मानव संसाधन के विकास के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भोपाल में आयोजित यह राष्ट्रीय सम्मेलन आने वाले वर्षों में ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी के क्षेत्र में नई सोच, नई तकनीक और बेहतर उपचार पद्धतियों के विकास का महत्वपूर्ण आधार बनेगा तथा भारत को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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