खंडवा/हरसूद– स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ शहर का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी उद्देश्य को लेकर नगर परिषद हरसूद द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता और नागरिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों, नगर परिषद अधिकारियों, व्यापारियों, विद्यालयों के प्राचार्यों, सफाई मित्रों और नागरिकों को कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं उसके पृथक्करण की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी गुप्त सिंह ने कहा कि नगर परिषद लगातार शहर की स्वच्छता के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन जब तक आम नागरिक इसमें सहभागी नहीं बनेंगे, तब तक अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार अपने घर से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करके ही सफाई कर्मचारियों को सौंपे। इससे कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण और पुनर्चक्रण आसान होगा तथा शहर को स्वच्छ बनाए रखने में बड़ी मदद मिलेगी।
नगर परिषद अध्यक्ष मुकेश वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि घर-घर कचरे का सही पृथक्करण ही स्वच्छ शहर की पहली पहचान है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि हरे डस्टबिन में गीला कचरा, नीले डस्टबिन में सूखा कचरा तथा लाल डस्टबिन में सैनिटरी एवं अन्य हानिकारक कचरा अलग-अलग रखें। उन्होंने बताया कि कचरे के इस प्रकार पृथक्करण से पुनर्चक्रण की प्रक्रिया सरल होती है, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है और लैंडफिल में जाने वाले कचरे की मात्रा भी कम होती है।
कार्यशाला में स्वच्छता प्रभारी अनुराग यादव ने 3-आर (Reduce, Reuse, Recycle) की अवधारणा पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कचरे को कम करना, उपयोगी वस्तुओं का पुनः उपयोग करना और पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग रखना ही आधुनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का आधार है। उन्होंने “मेरा कचरा, मेरी जिम्मेदारी” का संदेश देते हुए कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर से निकलने वाले कचरे का जिम्मेदारीपूर्वक पृथक्करण करेगा तो स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है।
कार्यशाला में उपस्थित नागरिकों को यह भी बताया गया कि कचरे का सही प्रबंधन केवल शहर की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। अधिकारियों ने कहा कि खुले में कचरा फेंकने या मिश्रित कचरा देने से न केवल सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि बीमारियों के फैलने की संभावना भी बढ़ जाती है।
कार्यक्रम के दौरान पार्षदों, व्यापारियों, विद्यालयों के प्रतिनिधियों, सफाई मित्रों तथा नगर परिषद कर्मचारियों ने स्वच्छता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। सभी ने नागरिकों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने, कचरे का सही पृथक्करण करने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का पालन करने के लिए जागरूक करने का निर्णय लिया।
नगर परिषद ने अंत में सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता को केवल सरकारी जिम्मेदारी न मानें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। प्रशासन का विश्वास है कि जनसहभागिता, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना के साथ हरसूद को स्वच्छ, सुंदर और आदर्श शहर बनाया जा सकता है।
