मोबाइल हैक कर बैंक खाते से उड़ाए 1.50 लाख रुपये, खंडवा पुलिस ने सागर से साइबर ठगी के आरोपी को दबोचा | ठगी में प्रयुक्त मोबाइल और बैंक पासबुक जब्त

खंडवा- साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच खंडवा पुलिस द्वारा साइबर ठगों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना मोघट रोड पुलिस ने मोबाइल हैक कर बैंक खाते से 1 लाख 50 हजार रुपये की साइबर ठगी करने वाले आरोपी को जिला सागर के खुरई से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और संबंधित बैंक खाते की पासबुक भी जब्त की है। आरोपी को न्यायालय खंडवा में पेश किया गया।

मोबाइल हैक कर खाते से निकाले डेढ़ लाख रुपये

पुलिस के अनुसार फरियादी दीपक मौर्य ने 17 अगस्त 2026 को थाना मोघट रोड पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि 5 अगस्त 2026 को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसका मोबाइल हैक कर उसके केनरा बैंक खाते से धोखाधड़ीपूर्वक रकम निकाल ली गई।

फरियादी के खाते से 5 अगस्त को 70 हजार रुपये तथा 6 अगस्त को 80 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस तरह साइबर ठग ने दो अलग-अलग transactions के माध्यम से कुल 1 लाख 50 हजार रुपये की राशि पर हाथ साफ कर दिया।

शिकायत मिलते ही थाना मोघट रोड पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध क्रमांक 305/26, धारा 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की।

साइबर तकनीक की मदद से आरोपी तक पहुंची पुलिस

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर साइबर ठगी में शामिल आरोपी की पहचान करने के प्रयास शुरू किए। पुलिस टीम ने विभिन्न स्तरों पर जानकारी जुटाते हुए आरोपी की तलाश की।

पुलिस अधीक्षक खंडवा श्री अगम जैन द्वारा साइबर फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) श्री महेन्द्र तारणेकर के निर्देशन एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव बारंगे के मार्गदर्शन में थाना मोघट रोड पुलिस ने कार्रवाई को आगे बढ़ाया।

लगातार जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम आरोपी तक पहुंची और 31 अगस्त 2026 को धनीराम अहिरवार पिता मंगल अहिरवार, उम्र 28 वर्ष, निवासी कुरई, जिला सागर को खुरई, जिला सागर से गिरफ्तार कर लिया।

मोबाइल और बैंक पासबुक जब्त

गिरफ्तार आरोपी से पुलिस ने साइबर ठगी की घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त बैंक खाते की पासबुक जब्त की है। पुलिस द्वारा आरोपी से मामले के संबंध में आवश्यक पूछताछ एवं विवेचना की जा रही है। आरोपी को नियमानुसार न्यायालय खंडवा में पेश किया गया है।

पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ है कि साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों और साइबर जांच का महत्वपूर्ण योगदान है। पुलिस द्वारा मामले में अन्य संभावित कड़ियों की भी जांच की जा रही है।

एक माह में अलग-अलग राज्यों से 3 साइबर आरोपी गिरफ्तार

खंडवा पुलिस के अनुसार साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले एक माह में साइबर अपराध से जुड़े कुल 3 अलग-अलग प्रकरणों में अलग-अलग राज्यों से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस का फोकस साइबर ठगी करने वाले आरोपियों की पहचान करने के साथ-साथ उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी माध्यमों की जांच पर भी है। इससे साइबर अपराध के पीछे सक्रिय नेटवर्क तक पहुंचने में पुलिस को मदद मिल रही है।

इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी मोघट रोड निरीक्षक विकास खिची, सउनि बलिराम बाल्के, प्रधान आरक्षक मनीष शर्मा थाना मोघट रोड तथा साइबर सेल के प्रआर जितेन्द्र राठौर, विक्रम वर्मा और आरक्षक उदयसिंह का महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान रहा।

साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहें

साइबर अपराध के मामलों में जागरूकता और सावधानी को सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा माना जाता है। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में संदिग्ध एप डाउनलोड करने, बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करने, ओटीपी बताने अथवा अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचना चाहिए। बैंक खाते से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलते ही तत्काल बैंक और पुलिस को सूचना देना आवश्यक है।

खंडवा पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई किए जाने से साइबर ठगों के विरुद्ध पुलिस की सख्ती का संदेश भी सामने आया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे डिजिटल लेन-देन के दौरान सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।

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