हरदा- राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम केवल एक खेल आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर केंद्रित एक प्रेरक राष्ट्रीय संवाद बन गया। भाऊ साहब भुस्कुटे शासकीय महाविद्यालय, टिमरनी में माय भारत हरदा एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को खेल, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व, कौशल विकास और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में भारत सरकार के जनजातीय कार्य विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद डी.डी. उइके ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है और यही युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि युवा केवल भविष्य के निर्माता नहीं हैं, बल्कि वर्तमान में भी राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण सहभागी हैं। उनकी सकारात्मक सोच, नवाचार क्षमता और रचनात्मक ऊर्जा देश को विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में युवाओं के लिए खेल, शिक्षा, कौशल विकास और स्टार्टअप के क्षेत्र में अभूतपूर्व अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आवश्यकता इस बात की है कि युवा इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठाकर स्वयं को सशक्त बनाएं और राष्ट्र के विकास में योगदान दें।
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को खेलों से जुड़ने का दिया संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशभर के युवाओं के साथ वर्चुअल संवाद से हुई। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता बढ़ाने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व और टीम भावना विकसित करने का सशक्त साधन भी हैं।
प्रधानमंत्री ने युवाओं से अपनी प्रतिभा को पहचानने, उसे निरंतर निखारने और देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पदक जीतना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है अपने प्रदर्शन और व्यक्तित्व के माध्यम से देश के सम्मान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना। उन्होंने युवाओं से खेलों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
खेल सितारों ने सुनाई संघर्ष से सफलता तक की कहानी
कार्यक्रम में खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति ने युवाओं में विशेष उत्साह का संचार किया। अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी खुशबू खान, अंतरराष्ट्रीय कराते खिलाड़ी मना मण्डलेकर तथा राष्ट्रीय एवं एशियन गेम्स से जुड़े मलखंभ खिलाड़ी प्रशांत भलावी ने अपने जीवन के संघर्ष, कठिन परिश्रम और उपलब्धियों के अनुभव साझा किए।
खिलाड़ियों ने बताया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। नियमित अभ्यास, अनुशासन, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने युवाओं को असफलताओं से घबराने के बजाय उन्हें सीख और अवसर के रूप में स्वीकार करने की प्रेरणा दी।
युवाओं ने रखे विकसित भारत के लिए दूरदर्शी सुझाव
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यह रहा कि इसमें युवाओं को केवल श्रोता नहीं बनाया गया, बल्कि उन्हें अपनी बात रखने और सुझाव देने का अवसर भी प्रदान किया गया।
एनएसएस छात्रा कश्यपी शर्मा ने सुझाव दिया कि देश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान और प्रोत्साहन के लिए एक स्थायी एवं व्यवस्थित तंत्र विकसित किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीण और छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकें।
छात्रा कृष्णिका अग्रवाल ने स्वयंसेवा और कौशल विकास को एक-दूसरे से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे मंच तैयार किए जाएं, जहां युवा समाज सेवा करते हुए रोजगारोन्मुखी कौशल भी अर्जित कर सकें।
एनएसएस छात्र आयुष बौरासी ने प्रशासनिक इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया, जिससे युवाओं को शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर मिल सके। उन्होंने ‘वन कॉलेज, वन विलेज’ जैसी अभिनव पहल शुरू करने का सुझाव भी दिया, जिसके माध्यम से महाविद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और जागरूकता कार्यक्रमों से सीधे जुड़ सकें।
वहीं छात्रा सुषमा उइके ने नशामुक्त भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि यदि युवा स्वयं नशे से दूर रहें और समाज को जागरूक करें, तो स्वस्थ और सशक्त भारत का सपना शीघ्र साकार हो सकता है।
नशामुक्ति का संकल्प बना कार्यक्रम का विशेष आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री डी.डी. उइके के नेतृत्व में युवाओं ने नशामुक्ति की शपथ ली। विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहेंगे और समाज में नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति युवाओं की ऊर्जा और क्षमता को प्रभावित करती है। ऐसे में इस प्रकार के सामूहिक संकल्प समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।
माय भारत से जुड़कर युवाओं को मिलेगा नेतृत्व का अवसर
कार्यक्रम में युवाओं को माय भारत पोर्टल से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया गया। उन्हें बताया गया कि इस मंच के माध्यम से युवा स्वयंसेवा, नेतृत्व विकास, सामाजिक गतिविधियों और कौशल आधारित कार्यक्रमों में भाग लेकर अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकते हैं।
इसके साथ ही ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ सहित विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों में भागीदारी के लिए भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश, किया पौधरोपण
कार्यक्रम के समापन अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री डी.डी. उइके ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत महाविद्यालय परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसकी देखभाल करे, तो देश में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिल सकती है।
युवाओं के लिए प्रेरणा का मंच बना कार्यक्रम
राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम खेल, शिक्षा, नेतृत्व, सामाजिक चेतना, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण जैसे विविध विषयों को एक सूत्र में पिरोने वाला प्रेरक आयोजन साबित हुआ। प्रधानमंत्री मोदी के संदेश, केंद्रीय मंत्री डी.डी. उइके के मार्गदर्शन, खेल हस्तियों के अनुभव और युवाओं के सुझावों ने यह स्पष्ट कर दिया कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश की युवा शक्ति सक्रिय भागीदारी निभाएगी।
आज का भारत अवसरों का भारत है और युवा उसकी सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि यही ऊर्जा सही दिशा में आगे बढ़े, तो विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत का लक्ष्य दूर नहीं।



