AI और FinTech के क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा अवसर: IIT दिल्ली के सहयोग से खंडवा महाविद्यालय में शुरू होगा निःशुल्क तीन माह का विशेष पाठ्यक्रम

खंडवा- तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और वित्तीय प्रौद्योगिकी (FinTech) ऐसे क्षेत्र बनकर उभरे हैं, जो आने वाले वर्षों में रोजगार, उद्योग, शिक्षा और नवाचार की दिशा तय करेंगे। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, श्री नीलकण्ठेश्वर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, खंडवा द्वारा विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। महाविद्यालय में एआई एवं फिनटेक विषय पर तीन माह का विशेष निःशुल्क पाठ्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है, जिसका संचालन मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग तथा एफआईटीटी–आईआईटी दिल्ली (Foundation for Innovation and Technology Transfer, IIT Delhi) के सहयोग से किया जाएगा।

यह पाठ्यक्रम न केवल विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान उपलब्ध कराएगा, बल्कि उन्हें भविष्य की रोजगार संभावनाओं, स्टार्टअप संस्कृति और डिजिटल अर्थव्यवस्था की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दशक में एआई और फिनटेक से जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में कई गुना वृद्धि होगी। ऐसे में यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए करियर निर्माण का एक सशक्त माध्यम साबित हो सकता है।

तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बीच बनेगा मजबूत सेतु

वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, बैंकिंग, साइबर सुरक्षा, डेटा विश्लेषण और प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच चुका है। वहीं फिनटेक ने पारंपरिक बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को पूरी तरह बदल दिया है। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, डिजिटल वॉलेट, ब्लॉकचेन और डेटा आधारित वित्तीय सेवाएं आज के आर्थिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं।

ऐसे परिदृश्य में विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उन्हें नई तकनीकों की समझ और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना समय की मांग है। यही उद्देश्य इस विशेष पाठ्यक्रम के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह पाठ्यक्रम स्नातक तृतीय वर्ष तथा स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसमें विद्यार्थियों को एआई, मशीन लर्निंग, डेटा प्रोसेसिंग, डिजिटल वित्तीय प्रणाली, वित्तीय नवाचार, तकनीकी समाधान तथा उद्योगों में इन तकनीकों के उपयोग से संबंधित विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

पाठ्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन में उपयोग होने वाले तकनीकी अनुप्रयोगों की समझ भी विकसित कराई जाएगी, जिससे वे भविष्य में विभिन्न प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा चयन

इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रवेश के लिए 1 सितंबर 2026 को प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में सफल विद्यार्थियों की सूची 8 सितंबर 2026 को घोषित की जाएगी। चयनित विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम का विधिवत शुभारंभ 15 सितंबर 2026 से होगा।

तीन माह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों और तकनीकी प्रशिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान आधुनिक तकनीकी अवधारणाओं, परियोजना आधारित अध्ययन और व्यावहारिक कार्यों पर विशेष जोर दिया जाएगा।

युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की पहल

विशेषज्ञों के अनुसार विश्वभर में एआई और फिनटेक क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन की मांग तेजी से बढ़ रही है। भारत भी इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे में छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी इन तकनीकों तक पहुंच उपलब्ध कराना आवश्यक है।

खंडवा में इस प्रकार का पाठ्यक्रम शुरू होना जिले के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे उन्हें राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं के सहयोग से सीखने और अपनी प्रतिभा को नई दिशा देने का अवसर मिलेगा।

आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम युवाओं का होगा निर्माण

महाविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को केवल नौकरी प्राप्त करने के लिए ही नहीं, बल्कि नवाचार, शोध, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति से जुड़ने के लिए भी प्रेरित करेगा। आधुनिक तकनीकी ज्ञान के साथ प्रशिक्षित युवा भविष्य में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

विद्यार्थियों से अधिकाधिक सहभागिता की अपील

पाठ्यक्रम की संयोजक डॉ. अर्पणा अग्रवाल ने विद्यार्थियों से इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया है। वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सोमपाल सिंह ने कहा कि बदलते समय में तकनीकी दक्षता ही सफलता की नई पहचान बन रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस निःशुल्क पाठ्यक्रम में सक्रिय सहभागिता कर अपने ज्ञान, कौशल और करियर संभावनाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की अपील की।

खंडवा में शुरू होने जा रहा यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों के लिए आधुनिक तकनीकी शिक्षा का द्वार खोलेगा, बल्कि जिले को डिजिटल और नवाचार आधारित शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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