मुकुंदपुर जू में विदेशी पक्षियों की नई सौगात: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की मौजूदगी में एवियारी में छोड़े गए दुर्लभ रंग-बिरंगे पक्षी

भोपाल/मैहर- मध्य प्रदेश के मैहर जिले में स्थित महाराजा मार्ण्ड सिंह जूदेव व्हाइट टाइगर टाइगर में विदेशी स्टूडियो के-बिरंगे पक्षियों के आगमन से वॉक-इन एविएरी अब और अधिक आकर्षक रंग और समृद्ध हो गया है। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने विदेशी पक्षियों को उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया का आकलन और सुरक्षा के सुझाव की नई सूची जारी की।
निरीक्षण के दौरान नॉर्डर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड सिंगरौली द्वारा सामुदायिक सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) मैड से प्रदाय किए गए विदेशी पक्षियों को मुकुंदपुर जू की वॉक-इन एवियरी में बंद कर दिया गया। इनमें बर्ड्स में रेड स्कार्लेट मैकॉ, ग्रीन-विंग्ड मैकॉ, फ़ोर्ड-क्रेस्टेड कॉकाटू, ब्लू-एंड-गोल्ड मैकॉ, हैंस मैकॉ, अफ़्रीकन ग्रे पैरट, ग्रैंड इलेक्टस, सन कॉनयोर, कॉकटेल और लव बर्ड जेसी ड्रॉंच और रेयर स्ट्रेंथ कंपनियां शामिल हैं।
नए पक्षियों के आगमन से एवियारी का माहौल रंग और चचाहाट से गुलजार हो उठा है। इंटरनेट को अब विश्व के विभिन्न देशों में एक ही स्थान मिला है, जिसमें जाने वाले विदेशी पक्षियों को करीब से देखना और उनके व्यवहार को समझने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञ के अनुसार, ऐसी एविएरी न केवल पर्यटन को बढ़ावा देती है, बल्कि पक्षी संरक्षण, जागरूकता और पर्यावरण शिक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने पर्यटन के दौरान कहा कि मुकुंदपुर जू संरक्षण एवं प्राकृतिक पर्यटन का उत्कृष्ट केंद्र बन रहा है। यहां विकसित की जा रही आधुनिक एविएरी और वन्यजीव संरक्षण से पहले प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण के प्रति क्षेत्र को दर्शाया गया है। उन्होंने अधिकारियों को पक्षियों के बेहतर व्यवहार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षण और प्राकृतिक वातावरण की सुरक्षा के निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक राजेश राय एवं वन मंडल अधिकारी विद्याभूषण मिश्रा सहित वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने रीवा जिले के हरिहरपुर में चल रही प्राकृतिक खेती की भी वकालत की और किसानों को अपनाई जा रही जैविक-प्राकृतिक तकनीकों की सलाह दी।
मुकुंदपुर जू में विदेशी पक्षियों की यह नई घाटी कश्मीर पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों और दृश्यों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन रही है।
